इश्क दिल में छुपा के क्यूँ रखा है , सरेआम तो कर
भर ले मुझको बाहों में , दुनिया में बदनाम तो कर l
मैंने तुझे चाहा तू भी मुझे चाह
पूरा इश्क का ये इन्तेकाम तो कर l
थक गयी होगी दुनिया से लड़ते लड़ते ,
मेरे कंधे पर सर रख कर आराम तो कर l
----- कुशल कान्त
17/10/19
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